सक्ती 18 जून 2024 - बाराद्वार के भाजपा नेता दिनेश शर्मा "अन्नपूर्णा" ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के पुलिस की भाषा को बदले जाने के फैसले पर उनका आभार ब्यक्त किया है।
दिनेश शर्मा "अन्नपूर्णा" ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस आज भी हिंदी अंग्रेजी और स्थानीय भाषा की जगह उर्दू और फारसी भाषा का उपयोग करती है जिसमे दस्तयाब , मशरूका , दीगर , आला ए कत्ल जैसे कठिन शब्द शामिल है जो आम आदमी की समझ से बाहर है। पुलिस द्वारा इन कठिन भाषा के उपयोग से आम लोगो को यह समझ नही आता है कि पुलिस आखिर कहना क्या चाह रही है।
दिनेश शर्मा "अन्नपूर्णा" ने आगे कहा कि आज तक पुलिस की उर्दू और फारसी भाषा को बदलने की बात छत्तीसगढ़ में किसी ने नही सोची थी लेकिन छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री जी ने लोगो को होने वाली भाषाई समस्या पर ध्यान दिया जो काबिल के तारीफ है। पुलिस द्वारा उर्दू और फारसी भाषा की जगह सामान्य बोलचाल की भाषा उपयोग करने से लोगो को समझने में सुविधा होगी।
बता दे कि गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली में उर्दू, फारसी के शब्दों को हटाकर इनकी जगह सरल हिंदी शब्द जोड़ने के लिए राज्य के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपनी लिखा-पढ़ी और बोलचाल में उर्दू, फारसी के शब्दों की जगह सरल हिंदी शब्दों का प्रयोग करे, ताकि आम जनता या पीड़ित को पुलिस की कार्यप्रणाली समझ आए।