रायपुर 20 फरवरी 2024 - छत्तीसगढ़ की साय सरकार पूर्ववर्ती भूपेश सरकार का एक और फैसला बदलने जा रही है दरअसल पिछली कांग्रेस सरकार ने शिक्षकों की भर्ती में विषय बाध्यता समाप्त कर दिया था। याने कला संकाय वाले भी शिक्षक सलेक्ट हो गए। और आठवीं तक के छात्रों को गणित और विज्ञान पढ़ा रहे थे।
इससे शिक्षा की गुणवता को बड़ा नुकसान पहुंचा। शिक्षा विदों का मानना था कि इस फैसले से छत्तीसगढ़ का मानव संसाधन खतम हो जाता क्योंकि आठवीं तक की शिक्षा एजुकेशन का आधार होता है। और यदि कला संकाय वाले शिक्षक, जो आर्ट्स से स्नातक हैं, वे भला गणित और विज्ञान क्या पढ़ा पाएंगे। पुराने जमाने का अब गणित और साइंस रहा नहीं।
बृजमोहन अग्रवाल ने स्कूल शिक्षा मंत्रालय संभाला तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि शिक्षा की गुणवता बहाल करने के लिए विषय की अनिवार्यता की शर्त रखी जाए। मंत्री के निर्देश पर DPI से इसका प्रस्ताव भेज दिया गया है। इस पर कभी भी फैसला हो सकता है।
सूत्रों का कहना है कि विषय बाध्यता का निर्णय जल्दी इसलिए होगा क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता प्रभावशील होने से पहले भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाना है। और बिना इसके किया गया तो फिर बिना विषय बाध्यता की भर्ती करनी पड़ेगी।