सक्ती 23 फरवरी 2024 - सक्ती के आबकारी विभाग में फैले "मनी" वायरस ने अब आक्रामक रूप ले लिया है इस वायरस के संक्रमण की वजह से पहले अधिकारियों को दिखाई देना बंद हो गया था और अब पैरों ने काम करना बंद कर दिया है।
सक्ती के संतोषी टाकीज के पास से फैले इस मनी वायरस की आक्रामता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज एक दिन के भीतर ही आबकारी विभाग के अधिकारियों के शरीर के दो हिस्सों को बेकार कर दिया है।
ऐसा हम इसलिए कह रहे है क्योंकि पहले आबकारी अधिकारियों को सक्ती के देशी / अंग्रजी सरकारी शराब दुकान में खुलेआम चल रहे अवैध चखना सेंटर नजर नही आते थे लेकिन हमारे द्वारा किये गए खुलासे के बाद भी कार्यवाही नही होना इस बात का साफ संकेत है कि अब आँखों के साथ उनके पैरों ने भी काम करना बंद कर दिया है अगर पैर सलामत रहते तो शराब दुकान के भीतर "पीने की उत्तम ब्यवस्था" कराने वालों पर कार्यवाही कर अवैध आहाता को बंद करा दिया गया होता।
लेकिन महात्मा गांधी की तश्वीर वाली कागज ने इन्हें कार्यवाही करने से रोक रखा है और अधिकारी रुके भी क्यो ना आखिर सिंधी भाई पिछले पांच सालों से हर महीने मोटा चढ़ावा जो चढ़ा रहा है और मोटा चढ़ावा ले लेकर इनकी चमड़ी भी मोटी हो गई है जिसे सिर्फ छत्तीसगढ़ की साय सरकार ही पतली कर सकती है।
बता दे कि पिछले 05 साल से सक्ती के बुधवारी बाजार में संचालित सरकारी देशी / अंग्रेजी शराब दुकान परिषर में आबकारी विभाग के अधिकारियों से साठ-गांठ कर कलयुग का किशन अवैध आहाता संचालित करा रहा है और इन 05 साल के दौरान सरकार को 01 करोड़ 80 लाख से अधिक का चूना लग चुका है।
To Be Continued…