कोरबा 03 मार्च 2024 - लोकसभा चुनाव की तैयारियां देश भर के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी शुरू हो गयी है। छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में कोरबा और बस्तर पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों की पैनी नजर है। ऐसे में कोरबा लोकसभा के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय के नाम पर पार्टी ने अपनी मुहर लगा दी है।
पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में खासा रोष और अंतर्कलह व्याप्त है। पार्टी कार्यकर्ता अभी से ही पैराशूट कैंडिडेट को टिकट देने पर साल 2009 के आम चुनाव में करूणा शुक्ला की करारी हार का हवाला दे रहे है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यहीं है कि क्या सरोज पांडेय के लिए कोरबा लोकसभा की डगर वाकई में आसान रहेगी ? या फिर बीजेपी के इस फैसले पर कांग्रेस एक बार फिर अपनी जीत सुनिश्चित करने में कामयाब होगी ?
कोरबा जिला के कार्यकर्ता पार्टी के इस फैसले से नाखुश नजर आ रहे है। पार्टी द्वारा टिकट फाइनल करने से पहले ही पार्टी के ग्रुपों में स्थानीय कैंडिडेट की उपेक्षा कर पैराशूट प्रत्याशी उतारने का विरोध शुरू हो गया था। कार्यकर्ताओं द्वारा बकायदा ग्रुपों में साल 2009 के लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए बाहर प्रत्याशी होने के बाद भी करूणा शुक्ला को कोरबा से टिकट देना बड़ी हार की वजह बताया जा रहा है।
पार्टी के वाट्सएप ग्रुपों में कार्यकर्ता बकायदा स्थानीय प्रत्याशी की उपेक्षा करने से कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरने की बात कह रहे है। ऐसे में टिकट की घोषणा होने के बाद एक तरफ जहां संगठन कोरबा लोकसभा सीट को जीतने का दावा कर रहा है। वहीं कार्यकर्ता और टिकट की दावेदारी कर रहे प्रत्याशी हताश और निराश नजर आ रहे है। ऐसे में यदि समय रहते पार्टी इस डैमेज को कंट्रोल नही कर पाती है, तो इसका नुकसान आगामी लोकसभा चुनाव में साफ देखा जा सकता है।