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पुलिस को पँहुचने में थोड़ी भी हो जाती देरी तो गांव की सीधी-साधी गोरी बन जाती शहर की कॉलगर्ल

पुलिस को पँहुचने में थोड़ी भी हो जाती देरी तो गांव की सीधी-साधी गोरी बन जाती शहर की कॉलगर्ल
नई दिल्ली 10 मई 2024 - दिल्ली पुलिस ने दक्षिण पश्चिम जिले के सागरपुर से दो लड़कियों को रेस्क्यू किया है। इनमें से एक को जबरन देह व्यापार में धकेला गया जबकि दूसरी को डराया-धमकाया जा रहा था। पुलिस ने दोनों को मंगलवार रात को एक घर से रेस्क्यू किया। एक पीड़िता ने एनजीओ को मैसेज भेजकर मदद मांगी थी। इस मामले में 29 साल की महिला को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में है जो फरार है। डिप्टी कमिश्नर (दक्षिण पश्चिम) रोहित मीणा ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान दशरथपुरी निवासी रजनी के तौर पर हुई है।

डीसीपी ने कहा, 'मेन संदिग्ध सोनू को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है, जिसने 22 साल की लड़की को धोखा दिया। वह उसे नौकरी दिलाने के बहाने दिल्ली ले आई। उसने एनजीओ को मैसेज भेजकर मदद मांगी।' रात करीब 10 बजे, मीणा को अपने फोन पर एक स्थानीय रिपोर्टर से मैसेज मिला जिसे एक एनजीओ ने फॉरवर्ड किया था। मैसेज में लिखा था... 'प्लीज मेरी जान बचा लें।' लड़की ने एनजीओ के वॉलंटियर के साथ अपनी लोकेशन भी शेयर की थी।

DCP मीणा ने सागरपुर थाना प्रभारी केबी झा को कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसके बाद वह और उनकी टीम मौके पर पहुंची। एक अधिकारी ने कहा, 'जब हम घर में दाखिल हुए तो हमें तीन महिलाएं मिलीं। 22 साल की युवती ने कहा कि वह आगरा से है।' एचटी से बात करते हुए लड़की ने कहा, 'वह 2 मई को दिल्ली आई और उसे दशरथपुरी के एक घर में रखा गया। मुझे 5 मई को इस घर में लाया गया जहां उन्हो मुझे देह व्यापार में धकेलना शुरू कर दिया और मैं मना करती रही। 

मंगलवार की रात वे मेरे साथ जबरदस्ती करने लगे और मना करने पर मेरे साथ मारपीट की। मैंने सीधे पुलिस को फोन नहीं किया क्योंकि उन्होंने कहा था कि उनकी ऊपर पहुंच हैं। मुझे एनजीओ का नंबर मिला और उस पर कॉल किया। रोते-रोते युवती ने कहा कि उसके पिता बीमार हैं। हमें पैसों की जरूरत थी, इसलिए मैं नौकरी की उम्मीद में दिल्ली आ गई।