रायपुर 24 मई 2024 - छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के बाद सबसे बड़ा राजस्व देने वाले वन विभाग के रायपुर वन वृत्त में कार्यरत करीब 400 दैनिक वेतन भोगियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। दरअसल मुख्य वन संरक्षक ने बजट का हवाला देते हुए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी और दैनिक श्रमिकों को हटाने का आदेश दिया है। ये सारी नियुक्तियां पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में की गई थीं।
गौरतलब है कि एक अखबार में 18 दिसंबर 2023 के अंक में रायपुर वन मंडल में बैक डोर से 750 कर्मचारियों की भर्ती, अफसरों के यहां डाग केयर, कब्रिस्तान में की गई नियुक्ति शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जंगल विहीन रायपुर वन मंडल में बैक डोर से बड़ी संख्या में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की भर्ती के खेल में वन अधिकारियों ने खुलकर कांग्रेस नेताओं का साथ दिया था। उनके चहेते लोगों को , बाबू , चौकीदार, ड्राइवर , कंप्यूटर आपरेटर आदि के पद पर काम पर रखा गया था।
मुख्य वन संरक्षक रायपुर की ओर से बजट में कटौती कर श्रमिकों को हटाने को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार के मंत्री और नेता नियमितीकरण प्रक्रिया आरंभ करने की बातें कहते हैं, वही दूसरी तरफ वन विभाग के आला अधिकारी छंटनी करने में जुटे हैं। इस समस्या को लेकर कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने वनमंत्री, मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री, सामान्य प्रशासन विभाग, वन विभाग के सचिव को आवेदन दिया है।